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सॅभल कहाँ पाते।

VIJAY KUMAR VERMA 6:07 AM
बिखर ही जाना था, सॅभल कहाँ पाते। वो जिस तरह से बदला, बदल कहाँ पाते।। कुछ ऐसी बात थी जिसने, मुझे झुकने न दिया; जमीर बेंच के वैसे भी, ...Read More
सॅभल कहाँ पाते। सॅभल कहाँ पाते। Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 6:07 AM Rating: 5
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