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सूरज वही उगा सकता है सूरज वही उगा सकता है Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 5:28 AM Rating: 5

चाहत नही बदली

VIJAY KUMAR VERMA 12:17 AM
हर शक्स है बदहाल सा,हालत नही बदली। बदलते रहे किरदार,सियासत नही बदली।। बस रंग बदलती रही,दीवार कई बार, जो बारिश मे टपकती है,वो छत नही बदली। व...Read More
चाहत नही बदली चाहत नही बदली Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 12:17 AM Rating: 5

बस उम्र ढलती जा रही है

VIJAY KUMAR VERMA 10:45 PM
नियति मेरे साथ कैसी,  चाल चलती जा रही है  / बात है कुछ भी नही पर , बात बढ़ती जा रही है / हर पल मेरे उम्मीद की , उम्र घटती जा रही है...Read More
बस उम्र ढलती जा रही है बस उम्र ढलती जा रही है Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 10:45 PM Rating: 5
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