Poetry, Ghazals and much more !!

स्वागत नववर्ष तुम्हारा है

VIJAY KUMAR VERMA 8:04 PM
स्वागत नववर्ष तुम्हारा है। तू ही सबकी आँखो मे, तू ही आँखो का तारा है। जीत के जश्न मे भी जो पीछे, खडे है कुछ शरमाये से । जिनको सबने ना...Read More
स्वागत नववर्ष तुम्हारा है स्वागत नववर्ष तुम्हारा है Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 8:04 PM Rating: 5

खो गयीं मंजिलें

VIJAY KUMAR VERMA 12:16 AM
दूर तक निगाह मे, कोई न अपने वास्ते। खो गयीं मंजिलें, बचें है सिर्फ रास्ते।।          -विजय वर्मा Read More
खो गयीं मंजिलें खो गयीं मंजिलें Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 12:16 AM Rating: 5

कुछ कमाल होना चाहिए

VIJAY KUMAR VERMA 2:30 AM
क्यों रहे वादे अधूरे ,अब सवाल होना चाहिए / बात सीधे न बने तो ,बवाल होना चाहिए // दर्द का परिहास जब ,होने लगे दरबार में: आँख में आँसू नही...Read More
कुछ कमाल होना चाहिए कुछ कमाल होना चाहिए Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 2:30 AM Rating: 5
Powered by Blogger.