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ऐसे साथी की मुझको ,जरूरत नहीं

VIJAY KUMAR VERMA 7:07 AM
सच को सच कहने की ,जिसमे जुर्रत नहीं / ऐसे साथी की मुझको ,जरूरत नहीं // मेरी अंगुली कटी ,और मुस्काए वो , और कुछ भी हो ये ,पर मोहब्बत नह...Read More
ऐसे साथी की मुझको ,जरूरत नहीं ऐसे साथी की मुझको ,जरूरत  नहीं Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 7:07 AM Rating: 5
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