Poetry, Ghazals and much more !!

पहले कभी ना था

VIJAY KUMAR VERMA 7:53 AM
ये दिन जितना सुहाना आजकल पहले कभी ना था ये मौसम आशिकाना आजकल पहले कभी ...Read More
पहले कभी ना था पहले कभी ना था Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 7:53 AM Rating: 5

कैसा हो गया मेरा गाँव

VIJAY KUMAR VERMA 4:55 AM
कैसा हो गया मेरा गाँव सड़क के मायाजाल में गुम है प्यार की पगडंडी दिल का दरवाजा बंद किए है मतलब की कुंजी तेज धुप है गरम हवा है कहीं न दिखता ...Read More
कैसा हो गया मेरा गाँव कैसा हो गया मेरा गाँव Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 4:55 AM Rating: 5

ऐसे दीप जलाएं

VIJAY KUMAR VERMA 8:30 AM
अंतस में जो कलुष भाव है ,उसको आज मिटायें कहीं ठौर ना पाए अँधेरा ,ऐसे दीप जलाएं रूठ के बच्चे से कोई ,बैठे ना दूर खिलौना आँखों से रूठे ...Read More
ऐसे दीप जलाएं ऐसे दीप जलाएं Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 8:30 AM Rating: 5
Powered by Blogger.