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नया इतिहास बना डालें



आप अगर दें साथ ,नया इतिहास बना डालें
सूनी सूनी आखों में ,विश्वास जगा डालें
जिसके नीचे जाति-धर्म की हवा न चलने पाए ;
प्यार का ऐसा कोई ,नया आकाश बना डालें
घर में रहते है लेकिन ,बेघर से लगते हैं ;
क्यों न ?किसी के दिल को ही ,आवास बना डालें
छावं में पलकों के शायद ,शीतलता होती है ;
बैठ के दो पल ,जीवन की ,हर प्यास बुझा डालें
जाने कब रुक जाये सिलसिला ,चलती साँसो का ;
जीवन के हर पल को ही , मधुमास बना डालें

विजय कुमार वर्मा
नया इतिहास बना डालें नया इतिहास बना डालें Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 11:40 AM Rating: 5

27 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ...

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  2. bahut khoob!!!! .....jeevan ko madhumaas bana daalen...pyara hai ji!!!

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  3. जिसके नीचे जाति-धर्म की हवा न चलने पाए ;
    प्यार का ऐसा कोई ,नया आकाश बना डालें
    घर में रहते है लेकिन ,बेघर से लगते हैं ;
    क्यों न ?किसी के दिल को ही ,आवास बना डालें
    Vijay ji...............badi hi umda baat kahi aapne.

    Ati sunder bhaavpurn rachna.

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  4. बहुत सुन्दर और शानदार रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!

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  5. जीवन के हर पल को ही , मधुमास बना डालें..
    ..उम्दा भाव।

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  6. Hi..

    Jeevan ke har pal ko madhumas bana daalen...

    Wah Vijay ji...kya baat hai...

    Deepak...

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  7. बड़े ही सामयिक विचार, सुलझन की ओर बढ़ते।

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  8. bahut badhiya sir...........
    shubhkaamnayein

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  9. Behatreen rachana hai, aapne ummide badha di hain

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  10. जाने कब रुक जाये सिलसिला ,चलती साँसो का ;
    जीवन के हर पल को ही , मधुमास बना डालें
    Bahut sunder, Vijay jee.

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  11. जाने कब रुक जाये सिलसिला ,चलती साँसो का ;
    जीवन के हर पल को ही , मधुमास बना डालें
    वाह बहुत सुन्दर और सार्थक अभिव्यक्ति है। बहुत बहुत बधाई

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  12. अति सुंदर

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  13. "घर में रहते है लेकिन ,बेघर से लगते हैं ;
    क्यों न ?किसी के दिल को ही ,आवास बना डालें"

    बहुत बहुत बधाई ...

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  14. बहुत सुन्दर प्रस्तुति..]
    मेरे ब्लॉग पर इज्जताफ्जई का शुक्रिया.

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  15. जो करना है कर डालिए। देर मत क‍ीजिए। शुभकामनाएं।

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  16. बहुत सुंदर भाव ज़िन्दगी से जुड़े हुए ......!!

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  17. जाने कब रुक जाये सिलसिला ,चलती साँसो का ;
    जीवन के हर पल को ही , मधुमास बना डालें ...

    सच है ... बहुत ही आशा भरी है इस संदेश में ... ग़ज़ब का शेर ....

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  18. कित्ती प्यारी और भावपूर्ण रचना ...बधाई.
    _____________
    'पाखी की दुनिया' में आपका स्वागत है...

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  19. सुन्दर अभिव्यक्ति

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  20. बहुत सुन्दर प्रस्तुति .........

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  21. ....क्यों न ?किसी के दिल को ही ,आवास बना डालें....

    bahut khoobsurat rachna.

    .

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  22. आप अगर दें साथ ,नया इतिहास बना डालें
    सूनी सूनी आखों में ,विश्वास जगा डालें
    जिसके नीचे जाति-धर्म की हवा न चलने पाए ;
    प्यार का ऐसा कोई ,नया आकाश बना डालें
    waah kitne sundar bhav hai man ke .umda

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