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नया इतिहास बना डालें

VIJAY KUMAR VERMA 11:40 AM
आप अगर दें साथ ,नया इतिहास बना डालें सूनी सूनी आखों में ,विश्वास जगा डालें जिसके नीचे जाति-धर्म की हवा न चलने पाए ; प्यार का ऐसा कोई ,नया ...Read More
नया इतिहास बना डालें नया इतिहास बना डालें Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 11:40 AM Rating: 5

कैसे बिसरी

VIJAY KUMAR VERMA 11:22 AM
मोरे मन की बतिया सुनके मोहे पागल समझके मत हंस री तुहका कुछ याद नहीं न सही मोरे मनमीत की ई नगरी देखब कब तक लईके घुमबो सिर पर मोरे यादन की गठ...Read More
कैसे बिसरी कैसे बिसरी Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 11:22 AM Rating: 5

चाँद रूठा रहा जाने किस बात पर

VIJAY KUMAR VERMA 9:18 AM
चाँद रूठा रहा जाने किस बात पर ; चांदनी के बिना रात रोती रही / भीगा तन भीगा मन ,भीगा सारा जहाँ ; आँखों से ऐसी ,बरसात होती रही / ऐसे...Read More
चाँद रूठा रहा जाने किस बात पर चाँद रूठा रहा जाने किस बात पर Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 9:18 AM Rating: 5
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