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उचित फैसले ले ले

अभी समय है कुछ उचित फैसले ले ले
कहीं पर दूरियां और कहीं फासले ले ले
युद्ध में प्यार की भाषा को कौन समझेगा
अपने तरकश में कुछ तीर विष घुले ले ले
तोड़ के पंख मेरे इतना क्यों इतराता है
हार तब मानूगा जब मन के हौसले ले ले
विजय कुमार वर्मा
दिसम्बर 2009
उचित फैसले ले ले उचित फैसले ले ले Reviewed by VIJAY KUMAR VERMA on 5:18 AM Rating: 5

2 comments:

  1. Shandar, Jandar, Yadgar aur mera pyar

    Deshvrat Rai

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  2. Dhanyawad Vermaji,
    Bilkul sahi kaha aapney isliye yaha bhi tippnikar nadarad ho gai.

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